नीम करौली बाबा के श्री कैंची धाम का प्रतिष्ठा दिवस
बाबा नीब करौरी महाराज के कैंची धाम का 59वें स्थापना दिवस पर हुई पूजा अर्चना
देहरादून। भगवान हनुमान जी के परम उपासक, महान संत, विश्व प्रसिद्ध नीम करौली बाबा के परम पावन श्री कैंची धाम के 59वें स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की। इस अवसर पर विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में भव्य मेले का भी आयोजन किया गया। नीम करोली बाबा के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ा पड़ा है।
आज देवभूमि उत्तराखंड की वादियों में स्थित महान संत, गुरु, दिव्यदर्शी नीम करोली बाबा जी के श्रद्धा एवं भक्ति के पावन स्थल “कैंची धाम” का प्रतिष्ठा दिवस अपार श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने नीम करौली बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। सुबह दो बजे से मंदिर में भक्तों की कतार लगी हुई है। बाबा के जयकारों के साथ कैंची धाम गूंज उठा। कैंची धाम में सुबह 5 बजे पूजा अर्चना के बाद बाबा नीम करौली महाराज को भोग लगाने के बाद कैंची मंदिर के द्वार खोलने के साथ श्रद्धालुओं को मालपुओं का प्रसाद बांटना शुरू किया गया। सुबह 7.30 बजे तीन किमी दूर तक श्रद्धालुओं की कतार पहुंच गई। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देख पुलिस प्रशासन की टीम भीड़ को व्यवस्थित करने में जुटी रही। कुमाऊं आईजी नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी पंकज भट्ट, एस पी सिटी हरबंश सिंह, मेला प्रभारी उमेश मलिक, कौश्या कटोली एसडीएम परितोष वर्मा, एसडीएम योगेश सिंह मेहरा सुबह 7 बजे से ही मंदिर में मेले को व्यवस्थित करने में लगे रहे। साथ ही श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित करने के लिए वॉलिंटियर की टीम भी लगी रही। श्रद्वालु हनुमान चालीसा के पाठ के साथ बाबा के जयकारों के साथ बारी-बारी से मंदिर परिसर में प्रवेश करने के साथ बाबा के दर्शन के साथ प्रसाद लेकर पिछले द्वार से वापस लौटते रहे।
नीम करौली बाबा ने आध्यात्म के जरिए हजारों लोगों के जीवन में बदलाव लाया। श्री नीम करौली बाबा जी को हनुमान जी के अंश के रूप में माना जाता है। नीम करौली बाबा जी की अनेक रोचक कथाये है और एक आस्था के प्रतिक है l कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली-अल्मोड़ा / रानीखेत राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर स्थित है। 24 मई 1962 को बाबा ने पावन चरण उस भूमि पर रखे, जहां वर्तमान में कैंची मंदिर स्थित है। 15 जून 1964 को मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की प्रतिष्ठा की गई और तभी से 15 जून को प्रतिष्ठा दिवस के रूप में मनाया जाता है। मंदिर चारों ओर से ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों से घिरा हुआ है और मंदिर में हनुमान जी के अलावा भगवान राम एवं सीता माता तथा देवी दुर्गा जी के भी छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं, किन्तु कैंची धाम मुख्य रूप से बाबा नीम करौली और हनुमान जी की महिमा के लिए प्रसिद्ध है। हनुमान जी के परम भक्त और उनके अवतार माने जाने वाले नीम करोली बाबा विश्व के प्रसिद्ध संतों में से एक है। मान्यता है कि नीम करोली बाबा को हनुमान जी की उपासना से अनेक चमत्कारिक सिद्धियां प्राप्त थीं। नीम करोली बाबा के कई ऐसे चमत्कार है जिन्हें सुनकर आज भी भक्त हैरान रह जाते हैं।