स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के वास्तविक हित चिंतक हैं हरीश रावत : अवधेश पन्त
देहरादून में स्वतंत्रता सेनानियों के शिला-पट्ट पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

देहरादून। दिल्ली से स्वस्थ होकर देहरादून लौटने के तीसरे दिन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने “देवस्थानों एवं महापुरुषों को नमन” कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, उत्तराखंड के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी को नमन करने के पश्चात जब श्री रावत सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा की ओर जा रहे थे, तभी घंटाघर स्थित स्वतंत्रता आंदोलन के महान सेनानियों के शिला-पट्ट पर उनकी नजर पड़ी। श्री रावत का काफिला तत्काल रुका और उन्होंने शिला-पट्ट पर अंकित स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान घंटाघर के व्यवसायी श्री मेहता जी ने श्री रावत को बताया कि उनके पिता का नाम भी स्वतंत्रता सेनानियों के इसी शिला-पट्ट पर अंकित है। इस पर श्री रावत ने स्वतंत्रता सेनानी परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनका भी आत्मीय अभिवादन किया। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पन्त ने कहा कि हरीश रावत के हृदय में स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के प्रति गहरी श्रद्धा एवं सम्मान है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री रहते हुए श्री रावत ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान, पेंशन एवं विभिन्न सुविधाओं के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। श्री पन्त ने कहा कि एक दिन पूर्व शहीद स्मारक में भी श्री हरीश रावत ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के हित में भविष्य में और अधिक कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। घंटाघर पर स्वतंत्रता सेनानियों के शिला-पट्ट के समक्ष रुककर उन्हें नमन करना इस बात का प्रमाण है कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और उनके परिवारों के सम्मान के प्रति श्री रावत के मन में आज भी वही श्रद्धा और संवेदना विद्यमान है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता की जीवंत विरासत हैं। उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना वर्तमान पीढ़ी का नैतिक दायित्व है। श्री अवधेश पन्त ने कहा कि उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के स्वतंत्रता सेनानी एवं उनके उत्तराधिकारी परिवार श्री हरीश रावत के प्रति सम्मान, विश्वास और अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के लंबित विषयों के समाधान तथा उनके सम्मान और सुविधाओं के लिए श्री रावत आगे भी अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।




