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राज्यपाल से सचिव सैनिक कल्याण एवं संस्कृति की शिष्टाचार भेंट

देहरादून 22 सितम्बर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से मंगलवार को सचिव सैनिक कल्याण एवं संस्कृति श्री युगल किशोर पंत ने लोक भवन में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों के कल्याण और संस्कृति विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के लिए एक मोबाइल ऐप विकसित किया जाए, जिसमें उनके लिए संचालित योजनाओं, सुविधाओं और लाभों की पूरी जानकारी उपलब्ध हो। भविष्य में पात्र लाभार्थी इसी ऐप के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन भी कर सकेंगे। राज्यपाल ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके अनुभव, अनुशासन और कौशल का उपयोग समाज और प्रदेश के विकास में किया जाना चाहिए। उन्होंने सैनिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए तकनीक, रोजगार और पुनर्वास को प्राथमिकता देने पर बल दिया। बैठक में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सचिव द्वारा बताया गया कि उपनल को ओवरसीज मैनपावर रिक्रूटमेंट एजेंसी के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और राज्य के युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकेगा तथा कुशल मानव संसाधन के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे। सचिव ने बताया कि सैन्य सेवा से बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार, पुनर्वास तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखण्ड में अग्निवीर सेल का गठन किया जा रहा है, ताकि सेवा पूर्ण करने के बाद उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं और शिकायतों के समाधान में भी सहयोग मिल सके। बैठक में संस्कृति विभाग की ओर से सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी कार्य किए जाने पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्ति के लिए जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

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