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अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई

दो साइबर ठगों को पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार

देहरादून। निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से गिरोह के दो सदस्यों राजेश कुमार रजक और सैयद शादाब अली उर्फ करीम को गिरफ्तार किया है। साइबर टीम द्वारा दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है. साथ ही आरोपी के बैंक खाते के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर 19 से अधिक शिकायत दर्ज है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमे की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को अमेरिका और भारत के शेयर मार्केट से जुड़ा बताकर निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा दिया।16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में 47,63,537 रुपए जमा कराए गए। वहीं, पटेल नगर से एसटीएफ को ट्रांसफर किए गए एक अन्य मामले में भी अक्टूबर 2025 के दौरान शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर पीड़ित से 18,54,900 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराए गए। जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बैंक ऑफ़ बरोड़ा का RAJAK & COMPANY के नाम से संचालित खाता सामने आया। एसटीएफ के अनुसार इस खाते का संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया। दोनों मामलों में इस खाते में कुल 27.20 लाख ट्रांसफर किए गए थे। ठगी की रकम खाते में आने के बाद उसे आरटीजीएस समेत अन्य माध्यमों से दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। आरोपी राकेश कुमार रजक के मोबाइल फोन की जांच में सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई व्हाट्सएप चैट मिली। चैट के विश्लेषण में बैंक खाते की नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और इसके बदले कमीशन लेने से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले। साथ ही गिरफ्तार आरोपी सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी की भूमिका में था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ ने बताया की आरोपी के बैंक खातों से संबधित एनसीआरपी पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज हैं। साथ ही पीड़ित की 12 लाख रुपए की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। ठगी की बाकी रकम की बरामदगी को लेकर भी कार्रवाई जारी है।

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