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जखोली रेंज में आग लगाते पकड़ा गया व्यक्ति, वन अधिनियम में मुकदमा दर्ज

डीएफओ रजत सुमन बोले : आग लगाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में जखोली रेंज अंतर्गत वन क्षेत्र में आग लगाने वाले एक व्यक्ति को ड्रोन निगरानी के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है। विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन द्वारा स्वयं ड्रोन संचालित कर वन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। 20 मई 2026 को ड्रोन के माध्यम से जखोली रेंज के तैला कक्ष संख्या-07 में एक व्यक्ति को वन क्षेत्र में आग लगाते हुए देखा गया। घटना की सूचना तत्काल वन दरोगा, बड़मा अनुभाग एवं बीट अधिकारी, तैला को दी गई। विभागीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया गया, किंतु अंधेरे एवं रात्रि का लाभ उठाकर वह मौके से फरार हो गया। घटना के अगले दिन 21 मई को विभागीय अधिकारियों द्वारा पुनः घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आग लगाने की घटना ग्राम एवं पोस्ट पंद्रोला कुमड़ी, तहसील जखोली निवासी श्री त्रिलोक सिंह जगवान पुत्र श्री बचन सिंह द्वारा की गई थी। संबंधित व्यक्ति से पूछताछ किए जाने पर उसने वन क्षेत्र में आग लगाने की बात स्वीकार की। इसके उपरांत वन विभाग द्वारा अभियुक्त को विधिक प्रक्रिया के अंतर्गत गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 (संशोधित 2001) की धारा 26(ख) एवं 26(ग) के अंतर्गत वन अपराध पंजीकृत किया गया है। उक्त धाराओं में आर्थिक दंड एवं अधिकतम दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। अभियुक्त को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने हेतु अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी श्री रजत सुमन ने बताया कि वन विभाग का प्राथमिक उद्देश्य आमजन के सहयोग से वनाग्नि की घटनाओं को रोकना एवं लोगों को जागरूक करना है। इसी उद्देश्य से 5 मई से 11 मई 2026 तक “वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह” का आयोजन कर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें वनाग्नि से बचाव एवं रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि विभाग जनसहभागिता को प्राथमिकता देता है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वन क्षेत्र में आग लगाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान फायर सीजन में अब तक कुल 13 मामलों में गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।

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