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नीरज बवाना के नाम पर बेरोजगार युवक ने मांगी थी रंगदारी, गिरफ्तार

सिडकुल थाने की पुलिस और एसओजी हरिद्वार की टीम ने मिलकर युवक को गिरफ्तार कर लिया।

हरिद्वार: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात नीरज बवाना का नाम लेकर सिडकुल के उद्यमी से पांच लाख की रंगदारी मांगने वाला एक बेरोजगार युवक निकला। उसे सड़क पर एक मोबाइल पड़ा मिला था और यूट्यूब पर नीरज बवाना के वीडियो देखकर उसने रंगदारी की योजना बनाई। सिडकुल थाने की पुलिस और एसओजी हरिद्वार की टीम ने मिलकर युवक को गिरफ्तार कर लिया।

सीओ सदर हेमेंद्र नेगी ने सिडकुल थाने में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में रेल के उपकरण बनाने वाली फैक्ट्री अवध रेल के स्वामी विरेंद्र पंवार के बेटे अमित पंवार के मोबाइल पर धमकी भरा फोन आया था। बात करने वाले शख्स ने खुद को नीरज बवाना गैंग का सदस्य बताते हुए पांच लाख की रंगदारी मांगी और रकम न देने पर हत्या की धमकी दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर सिडकुल प्रमोद उनियाल और एसओजी इंस्पेक्टर नरेंद्र बिष्ट ने अपनी टीमों के साथ मिलकर खोजबीन की। मोबाइल नंबर की डिटेल निकालने पर पता चला कि सिम जिस युवक के नाम पर है, वह सड़क हादसे का शिकार हुआ था और उसी दौरान मोबाइल गिर गया था। पुलिस ने लोकेशन निकालकर सुमननगर कालोनी से आरोपित नितिन भाटी निवासी ग्राम भौरा थाना ककोड़, जिला बुलंदशहर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नितिन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह अवध रेल कंपनी में काम करता था, नौकरी छूटने के कारण वह परेशान चल रहा था। इसलिए रंगदारी मांग बैठा। युवक ने बताया कि उसने यूट्यूब पर नीरज बवाना का वीडियो देखकर रंगदारी की योजना बनाई थी।

नितिन ने यूट्यूब पर नीरज बवाना की वीडियो देखकर रंगदारी की योजना तो बनाई, लेकिन वह इस बात से अंजान रहा कि मोबाइल के सहारे पुलिस किसी भी वक्त उसके करीब पहुंच सकती है। इसी नादानी के चलते उसने धमकी देने के बाद भी मोबाइल चालू रखा। इतना ही नहीं, वह मोबाइल पर आने वाली कॉल भी रिसीव करता रहा। कई पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों ने उससे बातचीत भी की। आरोपित को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर सिडकुल प्रमोद उनियाल, एसएसआइ शहजाद अली, उपनिरीक्षक बारु सिंह चाहान, कांस्टेबल कर्म सिंह, संदीप, एसओजी इंस्पेक्टर नरेंद्र बिष्ट, एसओजी प्रभारी रणजीत तोमर, हैड कांस्टेबल सुंदर लाल, कांस्टेबल पदम, वसीम, हरवीर, नरेंद्र, मनोज आदि शामिल रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह रावत, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार व एसपी क्राइम मनोज कत्याल ने पुलिस टीम को शाबाशी दी है।

 

 

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