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‘‘एक शाम सैनिकों के नाम’’ कार्यक्रम हुआ आयोजित

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) के अवसर पर लोक भवन में ‘‘एक शाम सैनिकों के नाम’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने वीरता पदक विजेता सैनिकों और सराहनीय कार्य करने वाले पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में अर्धसैनिक बल के जवानों और अधिकारियों को राज्यपाल प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कुमाऊँ रेजिमेंटल सेंटर, रानीखेत और 9वीं माउंटेन ब्रिगेड जोशीमठ को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए यूनिट प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया।

र्यक्रम के अवसर पर राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि जब देश के अन्य युवा अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यरत रहते हैं, तब हमारे सैनिक अपनी जवानी के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष राष्ट्र की सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा में अर्पित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपने सैनिकों का सम्मान नहीं करता, उसका भविष्य कठिन होता है, जबकि जो समाज और राष्ट्र अपने सैनिकों के बलिदान को स्मरण करता है, उसे कोई भी शक्ति कमजोर नहीं कर सकती। राज्यपाल ने कहा कि आने वाली ‘अमृत पीढ़ी’ को सैनिकों की कार्यनिष्ठा, अनुशासन और “नेशन फर्स्ट” की भावना से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन के अनुभव, अनुशासन और सेवा भाव को समाज एवं युवाओं के साथ साझा करें, ताकि राष्ट्र निर्माण में सशक्त भूमिका निभाई जा सके। राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों से ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों का अनुशासन, सेवा भावना और कठोर परिश्रम आने वाली ‘अमृत पीढ़ी’ के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश का लगभग हर परिवार सैन्य परंपरा से जुड़ा हुआ है।

वर्तमान में उत्तराखण्ड के एक लाख से अधिक सैनिक देश की सीमाओं पर तैनात हैं और चार लाख से अधिक पूर्व सैनिक समाज का गौरव हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के जसवंतगढ़ में बाबा जसवंत सिंह जी की पूजा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में अपने योद्धाओं को देवतुल्य सम्मान दिया जाता है। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि माननीय राज्यपाल की प्रेरणा से शुरू हुआ यह कार्यक्रम सैनिकों के योगदान को याद करने की परंपरा बन गई है। उन्होंने सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों के अतुलनीय योगदान की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने सैनिक कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। सचिव सैनिक कल्याण श्री दीपेंद्र चौधरी ने उपस्थित लोगों का स्वागत और कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, कमांडेंट, आईएमए लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, विधि परामर्शी श्री राज्यपाल श्री कौशल किशोर शुक्ल, मेजर जनरल नवीन महाजन जीओसी 14 इंफैन्ट्री क्लेमेंट टाउन, मेजर जनरल एमपीएस गिल जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया, आईजी एसडीआरएफ निवेदिता कुकरेती, ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, ब्रिगेडियर एसके यादव, डीआईजी एसएसबी श्रीनगर सुभाष चंद्र नेगी, निदेशक सैनिक कल्याण श्री श्याम सिंह सहित वीर सैनिक, पूर्व सैनिक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वीरता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले सैन्य अधिकारी एवं जवान- नायक अनिल राणा, नायब सूबेदार धीरज मणि सकलानी, कैप्टन दीपक सिंह (मरणोपरांत), मेजर संक्षीप भारद्वाज, मेजर हिमांशु देउपा, ऑनरेरी कैप्टन बिनोद सिंह, सिपाही मोहित सिंह ऐरी, हवलदार नवजीत सिंह चौहान, मेजर रवीन्द्र भट्ट, लांस नायक राजेश चंद, राइफलमैन शैलेंद्र सिंह (मरणोपरांत), विंग कमांडर भास्कर आरुणी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के सम्मानित होने वाले सैन्य अधिकारी एवं जवान- एसएसबी के सेकण्ड इन कमाण्ड ललित साह, कांस्टेबल कुलदीप कुमार, कांस्टेबल नीतू कुमारी, कांस्टेबल कृष्ण प्रसाद शर्मा एवं आईटीबीपी के इंस्पेक्टर भगत सिंह रावत, इंस्पेक्टर सुमन पंवार एवं एसडीआरएफ उत्तराखण्ड के एएसआई पंकज घिल्डियाल, फायरमैन प्रवीण चौहान को सम्मानित किया गया।

 

 

 

 

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