नन्दा बड़ी जात 2026 की तैयारी से सम्बंधित बैठक

देहरादून, 08 जनवरी। आज देहरादून में प्रदेश के पर्यटन सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, ज़िसमें क्षेत्र के 40 क्षेत्रवासियों ने प्रतिभाग किया। इस बैठक में यात्रा के मार्ग और व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई माँ नंदा भगवती के मूल स्थान ‘ नंदाधाम सिद्धपीठ कुरुड़ ‘ की उपेक्षा तथा पारंपरिक रीति रिवाज में हस्तक्षेप व छेड़छाड़ के मुद्दे को क्षेत्र की जनता ने प्रमुखता से उठाया। बैठक के दौरान कुरुड़ नन्दाधाम के प्रतिनिधियों ने अपनी बात दृढ़ता से रखी कि कुछ विशेष रसूखदार व्यक्तियों द्वारा माँ नंदा भगवती के मूल स्थान सिद्धपीठ कुरुड़ की निरंतर उपेक्षा की जा रही है।
उपस्थित गौड़ पुजारियों ने स्पष्ट किया कि बिना कुरुड़ धाम की सहभागिता और सम्मान के बिना, बड़ी नंदाजात यात्रा की ऐतिहासिक परंपरा अधूरी है। और उसके मूल स्वरूप को किसी व्यक्ति विशेष द्वारा परिवर्तन की कोशिशों का हम सब घोर विरोध करते है. माँ नंदा भगवती के प्रति जनमानस के गहरी आस्था रखने वाले बधाण, दशोली तथा बंड क्षेत्रों के प्रतिनिधि,सिद्धपीठ धाम कुरुड़ के गौड़ पुजारी माँ नंदा भगवती की सभी डोलियों के अध्यक्ष तथा थोकदार (चौदह संयाणा) के प्रतिनिधि ने अपनी बात रखी। इस बैठक में पद्मश्री से सम्मानित, उत्तराखंड की प्रसिद्ध जागर गायिका श्रीमती बसंती देवी बिष्ट भी उपस्थित रही। उन्होंने माँ नंदा के इस हिमालयी महाकुंभ की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पक्ष की जानकारी दी।




