उत्तर प्रदेश समाचार

मॉप अप कार्यक्रम : 2700 से अधिक स्टूडेंट्स को खिलाई एलबेंडाजोल टैबलेट्स

प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि पेट में कीड़े होने से शारीरिक और मानसिक विस्तार रुक जाता है।

फरीदाबाद। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद की जूनियर रेड क्रॉस और सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड ने प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में नेशनल डी वॉर्मिंग डे के मॉप अप कार्यक्रम के अंतर्गत  विद्यालय  की 2700 विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल गोलियां खिलाई। प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि पेट में कीड़े होने से शारीरिक और मानसिक विस्तार रुक जाता है। इस कारण बच्चों के पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए एल्बेंडाजोल गोलियां खिलाई जा रही हैं। अल्बेंडाजोल पैरासाइट वोर्म एवं इन्फेक्शन से होने वाली बीमारियों का उपचार करती है। ये टैबलेट्स सामान्यतः आंतों का इन्फेक्शन, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इन्फेक्शन जैसी बीमारियों के लिए दी जाती है। यह दवा एंटीलमिंटिक्स के रूप में जानी जाने वाली दवाओं के समूह के अंतर्गत आती है जो कि शरीर को उल्लेखनीय क्षति पहुंचाए बिना उन्हें मार देती है। इसका सेवन टैबलेट के रूप में किया जाता है। इस मॉप अप सप्ताह में विद्यालय के 2700 छात्र छात्राओं को एल्बेंडाजोल गोलियां खिलाई गई। उन्होंने बताया कि डी वार्मिंग डे के अंतर्गत एक से  उन्नीस वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़े मारने वाली गोलियां खिलाईं जातीं हैं। प्राचार्य मनचन्दा ने कहा कि विद्यार्थियों को बताया गया कि पेट की बीमारियों से बचने के लिए खाना खाने से पहले अपने हाथ साबुन के साथ धोकर साफ कर लेने चाहिए, फलों और खाने वाली वस्तुओं को हमेशा साफ सुथरा कर के ही खाना चाहिए। प्राचार्य मनचन्दा ने बच्चों को साफ सफाई रखने, अच्छी तरह हाथ धोने के बारे में बताते हुए कहा कि बच्चों में पेट की बीमारियां हो जाती है, जिससे पेट में कीड़े हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को बताया गया कि बच्चों में पेट के कीड़े मारने की दवाई एल्बेंडाजोल गोलियां पेट के कृमियों का अंत करके स्वास्थ्य लाभ करती हैं। बच्चों को यह भी बताया गया कि वे नंगे पैर न चले और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें। विद्यालय के 2700 बच्चों को ये टैबलेट खिलाई गई। इस अवसर पर प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा ने बताया कि विद्यालय की प्राध्यापिका मुक्ता सहित समस्त स्टाफ सदस्यों ने मॉप अप कार्यक्रम में 27 अगस्त को अनुपस्थित सभी विद्यार्थियों को टैबलेट खिलाई। उन्होंने बताया कि

पेट में कीड़े होने के कई लक्षण हो सकते हैं जिनमें पेट दर्द, दस्त, उल्टी, मतली, पेट फूलना, वजन घटना, थकान, और पेट में कोमलता भी सम्मिलित हैं। कुछ अवस्थाओं में कीड़े गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकते हैं। एल्बेंडाज़ोल का उपयोग कृमियों से होने वाले संक्रमण के  उपचार के लिए किया जाता है। यह कृमि को शर्करा अर्थात ग्लूकोज़ अवशोषित करने से रोकता है जिससे कृमि ऊर्जा खोकर मर जाते हैं। प्राचार्य मनचंदा ने सभी अध्यापकों का विद्यार्थियों को पेट के  कृमि की टैबलेट खिलवाने के लिए आभार व्यक्त किया।

 

 

 

 

 

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