उत्तराखंड समाचार

‘दीक्षारंभ 2025’ के साथ नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत

विद्यार्थियों को सही दृष्टिकोण अपनाने और भविष्य की तैयारी आज से शुरू करने का संदेश दिया।

देहरादून। डीआईटी विश्वविद्यालय ने अपने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत ‘दीक्षारंभ 2025’ के साथ अत्यंत प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण वातावरण में की। यह दो दिवसीय कार्यक्रम नवप्रवेशित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वविद्यालय समुदाय में आत्मीय स्वागत करने हेतु आयोजित किया गया, जो विद्यार्थियों की एक परिवर्तनकारी शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ सिद्ध हुआ।  कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के मूलमंत्र “Imagine · Aspire · Achieve” को रेखांकित करते हुए हुई। उद्घाटन सत्र में प्रमुख सलाहकार एन. रवि शंकर ने विद्यार्थियों को आत्म-विकास और उद्देश्यपूर्ण उत्कृष्टता की ओर प्रेरित किया। कुलपति प्रो. जी. रघुरामा ने नैतिक मूल्यों, अनुशासन और निरंतर प्रयासों की महत्ता पर प्रकाश डाला।डीन–अकादमिक डॉ. हेमराज वर्मा और परीक्षा नियंत्रक डॉ. गगन सिंह ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और परीक्षा की निष्पक्षता से अवगत कराया। वहीं, रजिस्ट्रार ने सहायता प्रणालियों और छात्रों के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी असीमआत्मानंद, सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम, ने विद्यार्थियों को आत्मनिरीक्षण, परिपक्वता और अर्थपूर्ण जीवन जीने के लिए आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मार्गदर्शन दिया।

पहले दिन का समापन डॉ. नवीन सिंघल, डीन–एलुमनाई एवं मुख्य अनुशासन अधिकारी, के व्यावहारिक “दिशानिर्देश सत्र” के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेकर वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। दूसरे दिन का आयोजन जागरूकता एवं समग्र कल्याण को समर्पित रहा। छात्रों के लिए सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विभिन्न संवाद सत्र आयोजित किए गए। राजपुर थाना, देहरादून के निरीक्षक नरेंद्र कोठियाल द्वारा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर जानकारी दी गई। इसके पश्चात साइबर क्राइम सेल के निरीक्षक आशीष गोसाईं ने साइबर सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण सत्र लिया। एनसीसी अधिकारी डॉ. जब्रिंदर सिंह ने नशा उन्मूलन विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष सत्र में न्यूरो-साइकोलॉजिस्ट डॉ. अंकिता प्रियदर्शिनी ने तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन पर उपयोगी सलाह दी। वहीं, डॉ. मनीषा दुसेजा ने विश्वविद्यालय की क्लबों, समितियों और उत्सवों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। कार्यक्रम का समापन डॉ. राकेश मोहन (डीन–छात्र कल्याण) और डॉ. सौरभ मिश्रा (सहायक डीन–छात्र कल्याण) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान श्री विपिन कुमार सक्सेना , निदेशक–ग्रांट थॉर्नटन भारत एवं वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट, ने कॉर्पोरेट जगत की बदलती दिशा पर एक प्रेरणादायक सत्र लिया। उन्होंने विद्यार्थियों को सही दृष्टिकोण अपनाने और भविष्य की तैयारी आज से शुरू करने का संदेश दिया। ‘दीक्षारंभ 2025’ न केवल शैक्षणिक पथ का आरंभ था, बल्कि यह विद्यार्थियों को नैतिकता, नेतृत्व, और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने की दिशा में प्रेरित करने वाला मंच भी सिद्ध हुआ।

 

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464