उत्तराखंड समाचार

परियोजना स्वीकृति आदेश पर हस्ताक्षर किए

अब तक उच्च क्षमता वाले अधिकांश डीजल इंजन विदेशी मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) से आयात किए जा रहे थे

देहरादून 02 अप्रैल। भारतीय नौसेना और किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स लिमिटेड के बीच 6 मेगावाट मध्यम गति के समुद्री डीजल इंजन के डिजाइन एवं विकास के लिए मेक-I श्रेणी के अंतर्गत परियोजना स्वीकृति आदेश पर हस्ताक्षर किए गए हैं। भारतीय नौसेना और किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स लिमिटेड के बीच मेक-I श्रेणी के अंतर्गत 6 मेगावाट मध्यम गति के समुद्री डीजल इंजन के डिजाइन एवं विकास के लिए परियोजना स्वीकृति आदेश पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रोटोटाइप डीजल इंजन का विकास 270 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा, जिसमें 50प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री इस्तेमाल की जाएगी और इसका 70प्रतिशत वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। इस अनुबंध में 3-10 मेगावाट डीजल इंजन के लिए विस्तृत डिजाइन का विकास भी शामिल है। अब तक उच्च क्षमता वाले अधिकांश डीजल इंजन विदेशी मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) से आयात किए जा रहे थे। यह परियोजना देश में समुद्री इंजन विकास में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेगी। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को स्वदेशी बनाने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वदेशी क्षमताओं  में बढ़ोतरी होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम होगी।

 

 

 

 

 

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