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15 नवंबर को मनाई जाएगी कार्तिक मास की पूर्णिमा

कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है

देहरादून, 08 नवंबर। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल कार्तिक मास की पूर्णिमा 15 नवंबर को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 15 नवंबर को सुबह 06 बजकर 19 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 16 नवंबर को देर रात्रि को 02 बजकर 58 मिनट पर होगा। कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान और दीप दान करने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में नदी में स्नान करने से व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही इस शुभ दिन पर जरूरतमंदों को दान करना भी शुभ माना जाता है।

कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। वैसे तो हर महीने आने वाली पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है लेकिन, कार्तिक मास में आने वाली पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। दरअसल, कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देव दीपावली मनाई जाती है। इस दिन स्नान दान करने से जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर कई शुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में इस दिन दान पुण्य करने का भी विशेष लाभ होता है। कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार चंद्रमा और मंगल का राशि परिवर्तन योग दोनों एक दूसरे की राशि में रहेंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर देर रात गजकेसरी राजयोग बनेगा। साथ ही इस दिन बुधादित्य राजयोग भी बनेगा। इसके बाद अब कार्तिक पूर्णिमा पर 30 साल बाद शश राजयोग बनेगा। क्योंकि, अब अगले 30 साल बाद ही शनि कुंभ राशि में गोचर करेंगे। ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा पर जो भी उपाय और दान पुण्य के कार्य करेंगे तो आपको उसका 100 गुना अधिक फल मिलेगा। कार्तिक पूर्णिमा को लेकर पौराणिक कथा भी है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसलिए इस पूर्णिमा को त्रिपुरासुर पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए वजह से ही इस जिन देव दिवाली भी मनाई जाती है। कार्तिक पूर्णिमा तक भगवान विष्णु मत्स्य रूप में जल में विराजमान रहते हैं। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा पर जल में दीप प्रवाहित करने की बड़ी मान्यता है।

कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का आरंभ 15 नवंबर को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर होगा

कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि का समापन 15 नवंबर मध्यरात्रि 2 बजकर 59 मिनट पर

ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा का व्रत 15 तारीख शुक्रवार के दिन रखा जाएगा।

कार्तिक पूर्णिमा- 15 नवंबर 2024, शुक्रवार

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ- 15 नवम्बर 2024, शुक्रवार प्रातः 06:19

पूर्णिमा तिथि समाप्त – 16 नवम्बर 2024, शनिवार देर रात 02:58

कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मुहूर्त

प्रात: काल 04:58 से लेकर प्रातःकाल 05:51 तक

कार्तिक पूर्णिमा 2024 चंद्रोदय समय

पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय समय सायं 4:51 तक।

देव दिवाली मुहूर्त

देव दीपावली पूजा मुहूर्त 15नवंबर को सायं 05:10 से लेकर रात 07:47 तक ।

कार्तिक पूर्णिमा लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

कार्तिक पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 15 नवंबर को रात 11:39 से लेकर देर रात 12:33 बजे तक।

कार्तिक पूर्णिमा चौघड़िया मुहूर्त

चर – सामान्य- प्रातः 06:44 से प्रातः 08:04

लाभ – उन्नति – प्रातः 08:04 से  प्रातः 09:25

शुभ – उत्तम – दोपहर 12:06 से दोपहर 01:26

चर – सामान्य – सायं 04:07 से सायं 05:27

लाभ – उन्नति – सायं 08:47 से  सायं 10:26

शुभ – उत्तम – देर रात 12:06 से देर रात 01:46 (16 नवंबर

कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि

कार्तिक पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान और दीपदान का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन सही समय पर नदी में स्नान करने से व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है। इसके अलावा, इस शुभ दिन पर जरूरतमंदों को दान भी दिया जाता है।

 

 

 

 

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