उत्तराखंड समाचार

कक्षा सातवीं के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया अध्याय ‘हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि’

अध्याय में, दो मित्र पत्रों का आदान-प्रदान करते हैं

देहरादून। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर एक अध्याय – ‘हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि’ – इस वर्ष से कक्षा सातवीं के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों में देशभक्ति, कर्तव्य के प्रति समर्पण और साहस और बलिदान के मूल्यों को विकसित करना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।

यह अध्याय स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र की सेवा में सशस्त्र बलों के बहादुरों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान के अलावा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (एनडब्ल्यूएम) के इतिहास, महत्व और अवधारणा पर प्रकाश डालता है। अध्याय में, दो मित्र पत्रों का आदान-प्रदान करते हैं और बहादुरों द्वारा किए गए बलिदानों के कारण मिली स्वतंत्रता के लिए अपनी कृतज्ञता की भावनाओं को साझा करते हैं। इस प्रतिष्ठित स्मारक को देखने के दौरान बच्चों के दिलो-दिमाग पर जो गहरा भावनात्मक प्रभाव और जुड़ाव पैदा होता है, उसे एनसीईआरटी के लेखकों ने रचनात्मक तरीके से सामने लाया है। यह याद किया जा सकता है कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली में एनडब्ल्यूएम को राष्ट्र को समर्पित किया था। इसकी स्थापना लोगों में बलिदान और राष्ट्रीय भावना की भावना पैदा करने और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बहादुर सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए की गई थी।

 

 

 

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