उत्तराखंड समाचार

राजभवन में वसंतोत्सव का शुक्रवार से आगाज

03 मार्च को होगा वसंतोत्सव का उद्घाटन

देहरादून 20 फरवरी। राजभवन में वसंतोत्सव का कर्टेन रेजर आयोजित किया गया। मीडिया को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने इस वर्ष 03 से 05 मार्च तक राजभवन में प्रारम्भ हो रहे तीन दिवसीय वसंतोत्सव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल ने इस अवसर पर कृषकों को औद्यानिकी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने हेतु उद्यान विभाग द्वारा ‘बागवान दैनन्दिनी’ का विमोचन किया। इस दौरान सचिव श्री राज्यपाल रविनाथ रामन, अपर सचिव कृषि रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव श्री राज्यपाल स्वाति एस भदौरिया तथा निदेशक उद्यान डॉ एचएस बवेजा भी उपस्थित थे। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में 2003 से प्रारम्भ किया जाने वाला वसंतोत्सव, देहरादून की पहचान बन चुका है। पुष्प प्रदर्शनी के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन दिन-प्रतिदिन लोकप्रिय होकर अब एक बडे़ सांस्कृतिक व आर्थिक महोत्सव में बदल चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में पुष्प उत्पादन से समृद्धि लायी जा सकती है। यहाँ कृषि एवं फूलों के उत्पादन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं जो उत्तराखण्ड के लिए एक वरदान साबित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमें पुष्प उत्पादन को कॉपरेटिव व कार्पोरेट और कांन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग से जोड़ा जाना जरूरी है। उत्तराखण्ड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां एवं उपलब्ध जलवायु पुष्पोत्पादन के लिए उपयुक्त है। कम क्षेत्रफल से अधिक आय प्राप्त होने के कारण कृषकों/उत्पादकों में इसके उत्पादन की अभिरुचि में वृद्धि हो रही है। प्रतिवर्ष राजभवन के प्रांगण में वसंतोत्सव के आयोजन से पुष्पोत्पादन के क्षेत्र में जनसाधारण एवं कृषकों में विशेष जागरूकता एवं अभिरुचि विकसित हुई है। उत्तराखण्ड राज्य के गठन से पूर्व प्रदेश में मात्र 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पुष्प उत्पादन होता था, जो वर्तमान में बढ़कर 1609.93 है0 हो गया है, जिसमें गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा के अतिरिक्त कटफ्लावर के रूप में जरबेरा, कारनेशन, ग्लेडियोलस, लीलियम, गुलदाउदी, आर्किड आदि का प्रमुखता से व्यवसायिक उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में लगभग 3022.90 मै0 टन लूज फ्लावर (गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा एवं अन्य) तथा 14.43 करोड़ कटफ्लावर का उत्पादन हो रहा है। वर्तमान में राज्य में लगभग रू. 250.00 करोड़ के फूलों का व्यापार किया जा रहा है। उपरोक्त 16 मुख्य प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल 62 उप श्रेणी हैं, जिनमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिये जाएंगे। इस प्रकार कुल 186 पुरस्कार निर्णायक मण्डल के निर्णय के उपरान्त दिनांक 05 मार्च, 2023 को विजेताओं को प्रदान किये जाएंगे। इस वर्ष प्रतियोगिता में पहली बार 04 नई श्रेणियां यथा-रूफटॉप गार्डनिंग, बोन्साई, टेरारियम एवं शहद सम्मिलित की गयी हैं। साथ ही अधिक से अधिक पुष्प उत्पादकों को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से कट फ्लावर प्रतियोगिता के अन्तर्गत मात्र व्यक्तिगत एवं कृषकों की ही प्रतिभागिता सुनिश्चित की जायेगी। इस वर्ष तिमरू को विशेष आवरण जारी किये जाने हेतु चयनित किया गया है। तिमरू उत्तराखण्ड सहित अन्य पर्वतीय राज्यों में पाये जाने वाला एक कांटेदार, सदाबहार, झाड़ीनुमा पौधा है। तिमरू में विभिन्न औषधीय गुण विद्यमान है। पहली बार वसंतोत्सव के प्रत्येक दिवस विषय विशेषज्ञों/प्रगतिशील कृषकों के साथ Inter Active Sessions आयोजित किये जायेंगे। औद्योनिकी के क्षेत्र में कार्य कर रहे उद्यान उद्यमियों/कृषकों एवं कार्मिकों को प्रोत्साहन दिये जाने के दृष्टिगत सम्मानित किया जायेगा। राज्य में स्थापित कृषि/औद्यानिक विश्वविद्यालयों के साथ-साथ केन्द्रीय संस्थाओं को भी आयोजन में प्रतिभाग करने हेतु आमन्त्रित किया जा रहा है। राज्य में स्थापित कृषि/औद्यानिक विश्वविद्यालयों द्वारा पुष्प के क्षेत्र में किये जा रहे शोध कार्यों का प्रदर्शन स्टॉल के माध्यम से किया जायेगा। उत्तराखण्ड में उत्पादित शहद, पुष्प, इत्र, मशरूम, जड़ी-बूटी इत्यादि को बढ़ावा देने तथा वृहद प्रचार-प्रसार की दृष्टि से स्टॉल के माध्यम से जनसामान्य को विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी।
पुष्पों के व्यापार/व्यवसाय को बढ़ावा देने हेतु उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद द्वारा Buyer & Seller Meet का आयोजन किया जायेगा, जिसमें पुष्प क्रेताओं-विक्रेताओं को आमन्त्रित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रथम बार औद्यानिकी से सम्बन्धित विभिन्न गतिविधियों के अन्तर्गत उत्कृष्ठ कार्य करने वाले चयनित कृषकों/ उत्पादकों/उद्यमियों एवं विभागीय कार्मिकों को मोमेन्टो/प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा । विगत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी आमजन को यह सूचित करने के लिए कि पुष्पों का उपयोग सजावट के अतिरिक्त खाद्य पदार्थ के रूप में भी किया जा सकता है। खाने योग्य पुष्पों (Edible Flowers) यथा-गुलाब, गुडहल, रोडोडेन्ड्रॉन, स्ट्रॉबेरी ब्लॉसम इत्यादि की प्रतियोगिता सम्मिलित की गई है। जनपद देहरादून में एक जनपद एक उत्पाद” के अन्तर्गत बेकरी उत्पादों का चयन किये जाने के फलस्वरूप बेकरी उत्पादों हेतु उपयुक्त खाने योग्य फूलों को भी प्रतियोगिता में सम्मिलित किया गया है। इस तीन दिवसीय आयोजन में राज्य के लगभग 30 विभागों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा, जिसमें उद्यान विभाग के अतिरिक्त विभिन्न शोध संस्थान/कृषि विश्वविद्यालय/बोर्ड/निगम आदि प्रमुख होंगे। इन विभागों/संस्थानों द्वारा आयोजन में अपना स्टॉल लगाकर अपने विभाग के जनोपयोगी कार्यक्रमों/तकनीकियों का उत्कृष्टता के आधार पर प्रदर्शन किया जायेगा। वसंतोत्सव में विभिन्न पुष्प उत्पादकों (खुले में एवं संरक्षित वातावरण में उत्पादन) तथा पुष्प नर्सरी उत्पादकों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त औद्यानिक यन्त्र, बायोफर्टिलाइजर, जैविक कीटव्याधि नियंत्रक उत्पादन करने वाली विभिन्न फर्मों को आमन्त्रित किया गया है। औद्यानिक गतिविधियों से जुड़े गैर सरकारी संस्थाओं/स्वयं सहायता समूहों/स्थानीय उत्पादक संगठनों द्वारा भी अपने कार्यक्रमों/उत्पादों का प्रदर्शन किया जायेगा। स्कूल के 05 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों द्वारा पेन्टिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया जायेगा। साथ ही दिव्यांग एवं वंचित वर्ग के बच्चों द्वारा भी पेन्टिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया जायेगा। संस्कृति विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा प्रथम एवं द्वितीय दिवस (03-04 मार्च. 2023) को सांय काल 01 घण्टे का सांस्कृतिक सन्ध्या का आयोजन किया जायेगा, जिसमें स्थानीय भाषाओं के हरियाली से सम्बन्धित गीतों, लोक नृत्यों एवं अन्य कार्यक्रमों का प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। भारतीय सैन्य संस्थान (आईएमए), आईटीबीपी एवं पीएसी के बैंड आकर्षण के मुख्य केन्द्र रहेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464