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सराय ख्वाजा विद्यालय में बच्चों के हीमोग्लोबिन की जांच

पोषक तत्वों की कमी के कारण कई प्रकार के गंभीर रोगों का खतरा हो जाता है

फरीदाबाद। शिक्षा विभाग के आदेशानुसार गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल एन आई टी तीन फरीदाबाद में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में जूनियर रेडक्रॉस, सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड और गाइड्स के सहयोग से चिकित्सा विभाग की बी के हॉस्पिटल की टीम द्वारा विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। प्राचार्य मनचंदा ने कहा कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण कई प्रकार के गंभीर रोगों का खतरा हो जाता है शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाना भी उन्हीं में से एक है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक प्रकार का प्रोटीन है जिस की कमी के कारण शरीर में रक्त की मात्रा घट जाती है। इस स्थिति में एनीमिया रोग होने का खतरा हो सकता है कई स्थितियों में एनीमिया जानलेवा भी हो सकती है। जे आर सी एवम ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि विद्यालय में अध्ययन कर रही आधी से भी अधिक छात्राएं रक्त की अल्पता के कारण एनिमिक हैं सामान्यतः महिलाओं और बुजुर्गों में हीमोग्लोबिन की कमी अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि स्वस्थ और पौष्टिक आहार का प्रतिदिन सेवन किया जाए तो हीमोग्लोबिन की कमी को सरलता से दूर किया जा सकता है। बी के सिविल चिकित्सालय से आई फार्मेसिस्ट ऊषा एवम उन की टीम के सदस्यों ने बताया कि रुधिरवर्णिका या हीमोग्लोबिन पृष्ठवंशियों की लाल रक्त कोशिकाओं और कुछ अपृष्ठवंशियों के ऊतकों में पाया जाने वाला लौह-युक्त आक्सीजन का परिवहन करने वाला धातुप्रोटीन है। रक्त में व्याप्त हीमोग्लोबिन फेफड़ों अथवा गिलों से शरीर के शेष भाग अर्थात् ऊतक को ऑक्सीजन का परिवहन करता है जहां वह कोशिकाओं के प्रयोग के लिये आक्सीजन को मुक्त कर देता है। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बी के सिविल चिकित्सालय से आई टीम का आभार व्यक्त करते हुए छात्राओं से कहा की वे शरीर में ह्यूमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने के लिए पालक और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। अनार, चुकंदर, केला, गाजर, अमरूद, सेब, अंगूर, संतरा, टमाटर का सेवन करें तथा लौह तत्वों की प्रचुरता के लिए गुड़ खाएं एवम गुड़ की चाय पिएं। पर्याप्त मात्रा में नियमित सेवन से रक्त की अल्पता को दूर किया जा सकता है।

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