आपका शहरउत्तराखंडउत्तराखंड समाचारखबर हटकरताज़ा ख़बरेंदेशदेहरादूनन्यूज़सोशल मीडिया वायरल

15 अगस्त को मनाई जाएगी हरियाली तीज : डॉक्टर आचार्य सुशांत राज

डॉक्टर आचार्य सुशांत राज

देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त को, कजरी/बड़ी तीज 31 अगस्त को, और हरतालिका तीज 14 सितंबर को मनाई जाएगी। हरियाली तीज स्रावन तीज 15 अगस्त शनिवार को मनाई जाएगी। हरियाली तीज का व्रत शनिवार, 15 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। तृतीया तिथि 14 अगस्त को शाम 6:46 बजे शुरू होकर 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे समाप्त होगी। इस दिन पूजा के लिए प्रातःकाल का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 7:16 बजे तक और प्रदोष काल (संध्या बेला) का मुहूर्त शाम 6:38 बजे से रात 8:51 बजे तक रहेगा।
शुभ मुहूर्त: सुबह का उत्तम मुहूर्त 07:29 AM से 09:08 AM तक है। शाम का प्रदोष काल मुहूर्त 06:38 से 08:51 तक रहेगा। सुबह स्नान के बाद हरे रंग के कपड़े पहनें और 16 श्रृंगार करें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर शिव-पार्वती की मूर्ति स्थापित करें। माता पार्वती को सुहाग सामग्री (चुनरी, हरी चूड़ियाँ, सिंदूर) और शिव जी को बेलपत्र, धतूरा और चंदन अर्पित करें। इस दिन तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन) और काले या सफेद कपड़े पहनने से बचें। महिलाएं आपस में मिलकर लोकगीत गाती हैं और झूला झूलती हैं।
डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की श्रावण शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। मुख्य रूप से महिलाओं से जुड़ा यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति श्रद्धा, दांपत्य सुख, सौभाग्य और मनोकामना से जुड़ा है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ इस दिन मल्हार, झूले, मेहंदी और लोक परंपराएं तीज के उत्सव को और भी रंगीन बना देती हैं। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसलिए इस दिन महिलाएं शिव-पार्वती की पूजा कर अपने दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पूजा में भगवान शिव को बेलपत्र, जल और पुष्प अर्पित किए जाते हैं, वहीं माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित कर अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की जाती है। हरियाली तीज का व्रत महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन की सुख-शांति के लिए व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे और योग्य वर की प्राप्ति की कामना से तीज का व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए जिस कठिन तपस्या और संकल्प का पालन किया, उसी भाव से तीज का व्रत किया जाता है। दिनभर व्रत रखने के बाद शिव-पार्वती की पूजा और कथा श्रवण करने की परंपरा है। हरियाली तीज पर हरे वस्त्र, हरी चूड़ियां, मेहंदी और सुहाग की सामग्री का विशेष महत्व माना जाता है। महिलाएं माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करती हैं और स्वयं भी सोलह श्रृंगार करती हैं। मेहंदी और चूड़ियां जहां तीज के श्रृंगार को पूर्ण करती हैं, वहीं धार्मिक रूप से इन्हें सौभाग्य और मंगल भावना से जोड़ा जाता है। इस दिन माता पार्वती का श्रद्धापूर्वक पूजन कर उनसे अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है। तीज के अवसर पर सिंजारा भेजने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। विवाह के बाद पहला सावन आने पर नवविवाहिता को ससुराल से पीहर बुलाया जाता है और उसके लिए वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, मेहंदी, मिठाइयां आदि भेजी जाती हैं। इसे केवल पारिवारिक परंपरा ही नहीं, बल्कि बेटी के सुखी दांपत्य और मंगलमय जीवन की कामना से जुड़ा भाव भी माना जाता है। पीहर में बेटी का तीज मनाना परिवार के लिए आनंद का अवसर होता है। इस परंपरा में माता-पिता का आशीर्वाद और बेटी के सुखी जीवन की मंगलकामना छिपी होती है।
तृतीया तिथि प्रारंभ: 14 अगस्त 2026, शाम 6:46 बजे
तृतीया तिथि समाप्त: 15 अगस्त 2026, शाम 5:28 बजे
व्रत की तिथि: 15 अगस्त 2026, शनिवार (उदया तिथि के अनुसार)
मुख्य पूजा मुहूर्तप्रातः शुभ मुहूर्त: सुबह 6:05 बजे से सुबह 7:16 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 बजे से दोपहर 1:08 बजे तक
प्रदोष / गोधूलि काल मुहूर्त: शाम 6:38 बजे से रात 8:51 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50 बजे से सुबह 5:35 बजे तक

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464

Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/u661627757/domains/apniavaj.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 5464