वाल्मीकि समाज को “गैंग” लिखे जाने पर वाल्मीकि सेवा समिति का कड़ा विरोध

देहरादून, 29 जुलाई। वाल्मीकि सेवा समिति, प्रेमनगर देहरादून ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक समाचार में वाल्मीकि समाज को “गैंग” लिखे जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समिति के अध्यक्ष आशीष देसाई के नेतृत्व में जिलाधिकारी, देहरादून को ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। समिति ने कहा कि एक समाचार पत्र के 25 जुलाई 2026 के संस्करण में उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह से संबंधित समाचार के शीर्षक में वाल्मीकि समाज को “गैंग” से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जो संपूर्ण वाल्मीकि समाज की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला तथा अत्यंत आपत्तिजनक है। वाल्मीकि सेवा समिति का कहना है कि किसी भी समाज को इस प्रकार अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास है। समिति ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अमर उजाला के संपादक के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए तथा समाचार पत्र द्वारा समस्त वाल्मीकि समाज से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगी जाए और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का आश्वासन दिया जाए।
समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समाचार पत्र सार्वजनिक माफी नहीं मांगता है, तो वाल्मीकि समाज अपनी सामाजिक छवि धूमिल करने के आरोप में समाचार पत्र के विरुद्ध मानहानियू का मुकदमा दर्ज कराने सहित कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा। वाल्मीकि सेवा समिति ने सभी सामाजिक संगठनों एवं समाज के लोगों से इस विषय पर एकजुट होकर समाज के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए आगे आने की अपील भी की है। ज्ञापन देने वालों में वाल्मीकि सेवा समिति के अध्यक्ष आशीष देसाई, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं कांग्रेस महासचिव वीरेंद्र पोखरियाल, वरिष्ठ कांग्रेसी देवेंद्र सिंह, वाल्मीकि समाज के संरक्षक अधिवक्ता संग्राम सिंह पुंडीर, अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष मदन लाल, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता मोहन काला, सुरेंद्र सूद, कैलाश वाल्मीकि, अमन उजेनवाल, संजय बिरला, संदीप कांगड़ा,कार्तिक बिरला, नितिन चंचल, अनील बागड़ी, शुभम, मानस चिनालिया, दीपक सलवान, प्रधान राजकुमार जी आदि साथी उपस्थित रहे।




