प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की अपनी यात्रा की झलकियाँ साझा कीं

देहरादून, 14 अप्रैल। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की अपनी यात्रा की मुख्य झलकियाँ साझा कीं। एक्स पर पोस्ट की श्रृंखला में श्री मोदी ने कहा: “सहारनपुर में भारी संख्या में आए अपने परिवारजनों के अपार समर्थन और आशीर्वाद ने एक नई ऊर्जा से भर दिया।” “देहरादून के प्रसिद्ध जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजन का सौभाग्य मिला। देवी मां से सभी देशवासियों की सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की।” “उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बने वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर को देखने का सुअवसर मिला। इससे वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होने के साथ ही पर्यटन और व्यापार के लिए भी नए अवसर बनेंगे।” “देहरादून में उत्तराखंड के मेरे भाई-बहनों का अभूतपूर्व जोश और उत्साह बता रहा है कि वे डबल इंजन सरकार में हो रहे तेज विकास से कितने खुश हैं।” “देहरादून के कार्यक्रम में जनता-जनार्दन के उत्साह और उमंग से अभिभूत हूं।”
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली–देहरादून आर्थिक गलियारे के उद्घाटन के अवसर पर अपने भाषण की झलकियाँ साझा कीं। एक्स पर पोस्ट की श्रृंखला में श्री मोदी ने कहा: “बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार भी आज उसी भावना के साथ सबको सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है।” “देश की सड़कें, हाइवे, एक्सप्रेसवे, एयरवे, रेलवे और वाटरवे विकास की भाग्य रेखाएं हैं। बीते एक दशक से हमारी सरकार इनके निर्माण में निरंतर प्रयासरत है।” “आज जिस देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन हुआ है, उससे इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे न केवल आना-जाना सस्ता और तेज होगा, बल्कि उत्तराखंड के टूरिज्म और व्यापार को भी बहुत फायदा होगा।” “उत्तराखंड में देश-दुनिया से आने वाले सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से मेरी यह विशेष अपील…” “देवभूमि उत्तराखंड से देश के सभी दलों से मेरा एक बार फिर आग्रह है कि वे नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का समर्थन जरूर करें। हम 2029 से ही देश की माताओं-बहनों को उनका हक देकर रहेंगे।” “सेना के सामर्थ्य को सशक्त करना हो या हमारे सैनिक परिवारों की सुविधा और सम्मान की बात, हमारी सरकार इस दिशा में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।”




