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बस्ती बचाओ आन्दोलन ने की प्रभावितों को हित लाभ देने की मांग

देहरादून, 29 दिसंबर। बस्ती बचाओ आन्दोलन ने एलिवेटेड रोड़ परियोजना में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अन्तर्गत सभी प्रभावितों को हित लाभ देने को लेकर प्रदर्शन के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया तथा हस्तक्षेप की मांग की। आज बस्ती बचाओ आन्दोलन के वैनर तले प्रभावितों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपर तहसीलदार प्रदीप नेगी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया तथा उन्हें एलिवेटेड रोड़ प्रभावितों के हितलाभ के सन्दर्भ में ज्ञापन दिया। तथा इस परियोजना में अपनाई गई प्रक्रिया पर सवाल उठाये। प्रदर्शनकारियो ने कागज जमा करने के सन्दर्भ में लोकनिर्माण विभाग द्वारा चलाई जा रही प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया कि अभी कागजात जमा हो ही रहे हैं, एलिवेटेड रोड़ परियोजना के अध्यक्ष, उपजिलाधिकारी सदर का समाचार पत्रों में बयान आया है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अंतर्गत एलिवेटेड रोड़ परियोजना में सूचीबद्ध 2883 में से मात्र 373 लोगों को ही मुआवजा व पुर्नवास मिलेगा बाकि अन्य को 2507 परिवारों को सरकारी भूमि पर कब्जेदार हैं। उक्त सन्दर्भ प्रभावितों के मध्य भारी आक्रोश है। ज्ञापन में कहा गया है कि समाचार पत्र में छपे उक्त वक्तब्य के सन्दर्भ में बस्ती बचाओ आन्दोलन की ओर से कहना है कि एलिवेटेड रोड़ एक जन स्वीकार्य योजना नहीं जैसे कि एलिवेटेड रोड़ जनसुनवाई कार्यक्रमों में सत्ता के भारी दबाव के बावजूद लगभग सभी प्रभावितों ने लिखित रूप से इस योजना को हितधारकों के विरोध बताया तथा पर्यावरणविदों एवं विशेषज्ञों की परियोजना को बिनाशकारी कहने तथा निरन्तर चल रहे आन्दोलनों के बावजूद भी एलिवेटेड परियोजना लागू करना खेदजनक है।

एक तरफ सरकार उत्तराखण्ड हाईकोर्ट एवं एनजीटी में बिन्दाल रिस्पना नदी को अतिक्रमण मुक्त करने का शपथ पत्र दे रही ठीक दूसरी तरफ एलिवेटेड रोड़ के नाम बिना पुर्नवास एवं मुआवजे की नीति घ़ोषित किये बिना अब तक के सबसे बड़े बिस्थापन की तैयारी चल रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि रिस्पना बिन्दाल के इर्दगिर्द प्रभावशाली लोगों के कब्जे को सरकार कब्जा नहीं मानती है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एलिवेटेड रोड़ के बारे में हाईकोर्ट उत्तराखण्ड में जनहित याचिका विचाराधीन है जिस पर शीध्र सुनवाई होनी  हैै। ज्ञापन में भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013  (The Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Act, 2013) का मुख्य उद्देश्य भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को न्याय संगत और पारदर्शी बनाना हैं तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना का व्यापक प्रावधान करना है।

ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगों में संयोजक अनन्त आकाश, भगवन्त पयाल, विप्लव अनन्त, अभिषेक भण्डारी, सोनूकुमार, अकरम, अफ्सा खान, सुशीला,आकिल ,जुनेथ, फिरोज आदि शामिल थे ।

 

 

 

 

 

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