फोन पर अभद्र भाषा और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप
महिला नेता की शिकायत पर कार्रवाई की मांग

देहरादून। अंकिता भण्डारी हत्याकांड में चर्चा में आई आरती गौंड पर महिला नेता श्रीमती प्रमिला रावत को फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और उनके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने का आरोप लगा है। ज्ञातब्य है कि अंकिता हत्याकांड मामले को उजागर करने में श्रीमती प्रमिला रावत की प्रमुख भूमिका रही है। उन्होंने आरती गौड द्वारा धमकी दिये जाने के संबंध में थाना कोतवाली, देहरादून में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। घटना 27 अक्टूबर 2026 की रात्रि लगभग 7:34 बजे की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार, उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती प्रमिला रावत को फोन कर आरोपी महिला ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। श्रीमती रावत के अनुसार, जब उन्होंने चल रही बैठक का हवाला देते हुए बाद में बात करने को कहा, तो आरोपी नहीं मानी और गाली-गलौज तथा धमकी देने लगी। तमीज से बात करने को कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा, “तुझको पता है, मैं ब्राह्मण की बेटी हूँ, छोड़ूंगी नहीं।” उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद ने आरोप लगाया कि आरती गौंड द्वारा अंकिता भंडारी प्रकरण में अंकिता के माता-पिता को लक्ष्मण झूला थाने एवं ऋषिकेश एम्स अस्पताल में गुमराह करने का प्रयास भी किया गया था। परिषद के अनुसार, आरोपी महिला निरंतर कई महिला नेताओं सहित अन्य लोगों को धमकी दे रही है। इस मामले को लेकर उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के वैनर तले विभिन्न राजनीतिक संगठनों, महिला संगठनों तथा उत्तराखंड आन्दोलनकारियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और आरोपी महिला के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रदर्शनकारियों ने अपर सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र ज्वान्टा को ज्ञापन सौंपा। अधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। परिषद ने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने तथा पीड़िता एवं उनके परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत की जांच कर रही है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस अवसर पर संरक्षक बालेश बबानिया, अनन्त आकाश सचिव सीपीएम, प्रमिला रावत यूकेडी, निर्मला बिष्ट महिला मंच, दीप्ति रावत, स्मृति नेगी सामाजिक कार्यकर्त्ता, सुजाता पाल कांग्रेस, सुरेश कुमार, चिन्तन सकलानी, अमित परमार, विकास रावत आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद, प्रभात डण्डरियाल नेताजी संघर्ष समिति, सुभागा फर्सवाण, रेखा शर्मा, कल्पेश्वरी नेगी, जमुना देवी, सन्दीप नेगी, प्रवीण बर्थ्वाल आदि बडी संख्या में आन्दोलनकारी शामिल थे।




