35 मदरसों कों उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से मिली मान्यता
227 मदरसे जो कि बन्द हो चुके हैं यदि वे अक्टूबर माह के अन्त तक आवेदन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

देहरादून 13 अक्टूबर। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि 452 मदरसों पर चल रही कार्यवाही के पश्चात 35 मदरसों कों उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से मान्यता दे दी गई है। शिक्षा विभाग द्वारा 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जिन 114 मदरसों ने आवेदन किया है उन मदरसों को अक्टूबर माह के अन्त तक शिक्षा विभाग द्वारा मान्यता मिल जायेगी। मंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर लगभग 190 मदरसों को इस माह के अन्त तक मान्यता मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि 227 मदरसे जो कि बन्द हो चुके हैं यदि वे अक्टूबर माह के अन्त तक आवेदन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन जनकल्याणकारी योजनाएं जोकि 15 दिसम्बर 2026 से पहले पूर्ण होनी है उन योजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण कर लिया जाए ताकि उन योजनाओं का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कर कमलों से किया जा सके। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग की कुछ योजनाएं जिनका 15 नवम्बर 2026 से पूर्व शिलान्यास होना है उन योजनाओं पर त्वरित गति से कार्य किया जाए जिससे ससमय उन योजनाओं का शिलान्यास हो सके। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभाग के जिन विकास कार्यों के लिए धनराशि प्रदान तो की गई है लेकिन उस धनराशि उपयोग नहीं किया गया है तो उस धनराशि वापस किया जाए ताकि प्रदेश की अन्य प्रस्तावित विकास योजनाओं में उस धनराशि का उपयोग किया जा सके। इस अवसर पर बैठक में अल्पसंख्यक कल्याण के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक दीप्ति सिंह, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव, अध्यक्ष अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण डॉ0 सुरजीत सिंह गांधी एवं विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।




