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भारतीय वायुसेना चला रही चौबीसों घंटे हवाई अग्निशमन अभियान

महत्वपूर्ण नागरिक अवसंरचनाओं और सैन्य प्रतिष्ठानों को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।

देहरादून 30 मई। भारतीय वायु सेना को कसौली के पास जंगल में आग लगने की सूचना मिली और स्थिति का जायजा लेने के लिए तुरंत एक चीता हेलीकॉप्टर भेजा गया। इसके बाद, नागरिक प्राधिकरणों को सहायता प्रदान करने के तहत हिमाचल प्रदेश के कसौली क्षेत्र में लगी भीषण जंगल की आग से निपटने के लिए Mi-17 V5 मीडियम लिफ्ट हेलीकॉप्टर सफलतापूर्वक तैनात किए गए। सोलन जिले के कसौली बीट क्षेत्र में लगभग 10 हेक्टेयर में फैली इस भीषण आग से आवासीय क्षेत्रों, महत्वपूर्ण नागरिक अवसंरचनाओं और सैन्य प्रतिष्ठानों को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। राज्य प्रशासन, राज्य वन विभाग, भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में काम करते हुए, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने आग को नियंत्रित करने और बुझाने के लिए लगातार बम्बी बकेट ऑपरेशन चलाए। चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी लिया गया और प्रत्येक उड़ान में लगभग 2,000 से 2,500 लीटर पानी लाया गया। इस अभियान में दिन-रात लगातार हवाई अग्निशमन प्रयास किए गए और प्रभावित क्षेत्र पर 93,000 लीटर से अधिक पानी डाला गया। त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने आग को एक बड़ी आपदा में तब्दील होने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय वायु सेना के लिए पहली बार, रात्रि दृष्टि चश्मे (एनवीजी) का उपयोग करते हुए रात्रि बम्बी बकेट ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। पहाड़ी इलाकों में चुनौतीपूर्ण दृश्यता की स्थिति में किए गए इन अभियानों के लिए असाधारण उड़ान कौशल, सटीकता और परिचालन विशेषज्ञता की आवश्यकता थी। रात्रि अग्निशमन अभियानों से जुड़े अंतर्निहित जोखिमों के बावजूद, विमान चालक दल के व्यावसायिकता, साहस और समर्पण के कारण मिशन सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पूरे किए गए। हवाई अभियानों में सहयोग करते हुए, जमीनी कर्मियों ने खराब मौसम की स्थिति में भी अथक परिश्रम किया ताकि विमानों की त्वरित मरम्मत और पुनः संचालन सुनिश्चित किया जा सके, जिससे चौबीसों घंटे निर्बाध अग्निशमन अभियान जारी रह सकें।

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