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ग्राम पंचायत नौगांव ने पेश की सोलर ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास की मिसाल

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण के विजन को साकार करते हुए विकासखंड बीरोंखाल की ग्राम पंचायत नौगांव ने सोलर ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद नौगांव आज ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। ग्राम पंचायत भवन की छत पर स्थापित 3 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 16 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे गांव में लगी 40 सोलर स्ट्रीट लाइटें संचालित हो रही हैं। इससे पहले अंधेरे में रहने वाले गांव के मार्ग अब रात्रि में पूरी तरह रोशन हैं। ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह ने बताया कि यह सोलर प्लांट राज्य वित्त से लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था।

गांव में लगभग 70 परिवार निवास करते हैं और सोलर स्ट्रीट लाइटों से विद्युत व्यय में कमी के साथ रात्रिकालीन सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित हुई है। जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने इस पहल को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यह अन्य ग्राम पंचायतों के लिए उदाहरण बनेगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत नौगांव वर्ष 2023–24 में स्वच्छता के क्षेत्र में जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है, जिसके लिए पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि सोलर ऊर्जा के माध्यम से की गई यह पहल ऊर्जा उपलब्धता, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करती है। जिला प्रशासन ऐसे मॉडलों को अन्य ग्राम पंचायतों में भी अपनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सोलर प्लांट के बाद गांव की तस्वीर बदल गई है और यह पहल मुख्यमंत्री के विकास विजन का सशक्त उदाहरण है। नौगांव की यह उपलब्धि दर्शाती है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड का हर गांव हरित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।

 

 

 

 

 

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