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सरकार पर दबाव बनाने के लिये होगा जनएकता कूच

देहरादून, 03 जनवरी। आज अंकिता हत्याकांड के मसले को लेकर उत्तराखण्ड के प्राय: सभी जनसंगठनों एवं राजनैतिक विपक्षी दलों के प्रमुख, प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्रेस क्लब मे प्रेस कांफ्रेस की। प्रेस कांफ्रेंस के द्वारा सभी सगठनों ने एकजुट होकर 4 जनवरी को 11 बजे परेड ग्राऊंड से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकालने का एलान किया। प्रेस को सम्बोधित करते हुए उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत ने कहा कि उर्मिला सनावर के द्वारा जो आडियो, वीडियो सामने लाए गए हैं, उसने अंकिता हत्या कांड के कई पहलू उजागर किए है, जिससे अपने को संस्कारी कहने वाली सत्तासीन पार्टी, सरकार का और उसके बड़े- बड़े नेताओं के संस्कार और उनके चाल, चरित्र, चेहरे खुद ब खुद खुल कर सामने आ रहे है। सरकार और भाजपा इन आडियो, वीडियो की जांच कराने और सच्चाई को सामने लाने की जगह पूरे मसले पर चुप्पी साधे हुए है। उल्टे वह उर्मिला सनावर को गिरफ़्तार कर रही है।

उन्होने कहा कि इसी वजह से सरकार पर दबाव बनाने के लिये ही यह जनएकता कूच किया जा रहा है, जो पूरी तरह शान्ति पूर्वक तरीके से मुख्यमंत्री आवास तक‌ जाऐगा और उनसे वार्ता का अनुरोध करेगा। प्रेस वार्ता में वक़्ताओं ने कहा की सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि हत्यारों को बचाने के लिए किसने सबूत मिटाए? क्यों वनंतरा रिज़ॉर्ट के उस हिस्से को, जहाँ अंकिता रहती थी, रातों-रात बुलडोज़र चलाकर नष्ट कर दिया गया? सत्तासीन पार्टी से जुड़े एक बड़े नेता (पूर्व विधायक) के परिवार से जुड़े ऑडियो- वीडियो सामने आने के बावजूद सरकार इन ऑडियो-वीडियो की जाँच क्यों नहीं करवा रही? और उसके आधार पर, अपराधियों को सजा दिलाने के बजाय, उस नेता की पत्नी जिसने यह खुलासा किया, उसे गिरफ्तार क्यों किया जा रहा है? सरकार चुप क्यों है? सच सामने आने से उसे इतना डर क्यों लग रहा है? सभी का कहना था कि सरकार सच्चाई को सामने लाए और उन वीआईपी का नाम उजागर करे जिसकी वजह से दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटीl दोषियों को दंडित किया जाए चाहे वो भाजपा या आरएसएस के कितने ही शक्तिशाली नेता क्यूँ न हों। उन्होंने बताया की यह किसी भी तरह के संप्रदायवाद, जातिवाद या क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर इंसान व इंसाननियत को बचाने के लिए किया जा रहा हैI

उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि आम लोगों से सबूत लाने के लिए कहा जा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां सरकार के पास हैं, उसे जांच करवाकर सच्चाई को सामने लाना चाहिए I

मूल निवास भूकानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने कहा कि 4 जनवरी के मार्च के बाद भी सरकार आम लोगों की मांग नहीं मानती तो निश्चय ही उत्तराखंड की जनता के द्वारा आगे पूरे राज्य में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

सीपीआई माले के इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि कानून में यह व्यवस्था है कि किसी मामले में नये तथ्य सामने आने के बाद नये सिरे से जांच की जा सकती है।इसलिए सरकार को तुरंत वीआईपी के रूप में जिन लोगों का नाम सामने आया है, उनकी जांच करनी चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गढ़वाल सभा के अध्यक्षर रोशन धस्मान ने भी समर्थन घोषित किया l उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट, यूकेडी की प्रमिला रावत, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के कर्नल कैलाश धस्माना, मूल निवास भूकानून संघर्ष समिति की ऊषा डोभाल, भारत ज्ञान विज्ञान समिति की डॉ. उमा भट्ट, सुलोचना ईष्टवाल, इप्टा के हरिओम पाली के अलावा अन्य कई संगठन प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

 

 

 

 

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