कुमाऊं कार रैली ने सीमांत पर्यटन और रिवर्स माइग्रेशन का दिया संदेश
कुमाऊं कार रैली 2026 का समापन

पिथौरागढ़। भारतीय सेना द्वारा रेनॉल्ट इंडिया के सहयोग तथा मेवरिक के मीडिया पार्टनर के रूप में आयोजित कुमाऊं कार रैली 2026 का समापन पिथौरागढ़ में हुआ। 15 सितंबर को बरेली से लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा, एवीएसएम, जीओसी उत्तर भारत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। सप्ताहभर चली इस रैली ने कुमाऊं के दुर्गम सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन के साथ-साथ सीमावर्ती समुदायों से जुड़ाव का संदेश दिया। रैली का मार्ग पिथौरागढ़, धारचूला, गुंजी, लिपुलेख, ओम पर्वत, कालापानी और आदि कैलाश होते हुए पुनः पिथौरागढ़ तक रहा। प्रतिभागियों ने कुमाऊं की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक महत्व और सीमांत क्षेत्रों की जीवनशैली को करीब से जाना। रैली में पंचशूल गनर्स के 10 जवानों के साथ सेना के पूर्व सैनिकों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और उद्यमियों ने भाग लिया। अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने दूरदराज के सीमावर्ती गांवों में स्कूली बच्चों, पूर्व सैनिकों और स्थानीय लोगों से संवाद किया। युवाओं को सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर राष्ट्रसेवा करने तथा देश की सीमाओं पर वीरता और समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली का उद्देश्य केवल साहसिक यात्रा तक सीमित नहीं रहा। इसके माध्यम से सीमांत पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर सृजित करने, रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने तथा केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को समर्थन देने का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान कुमाऊं की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संपदा को देश के सामने लाने के साथ सीमावर्ती समुदायों तथा भारतीय सेना के बीच जुड़ाव को भी मजबूत किया गया। कुमाऊं कार रैली 2026 ने यह संदेश दिया कि सीमावर्ती गांव केवल देश की भौगोलिक सीमाओं के प्रहरी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।




