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गांव में पेयजल व्यवस्थाएं 20–25 वर्षों तक सुचारू चलें : अतिरिक्त सचिव भारत सरकार

जल जीवन मिशन की परियोजनाओं के बेहतर संचालन में जनभागीदारी जरूरी

छतरपुर। जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में अतिरिक्त सचिव, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं मिशन निदेशक, राष्ट्रीय जल जीवन मिशन कमल किशोर सोन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में डायरेक्टर जल जीवन मिशन वाई.के. सिंह, प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश जल निगम भोपाल के.वी.एल. चौधरी, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री नमः शिवाय अरजरिया, अधीक्षण यंत्री पन्ना वीके छारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त सचिव सोन ने कहा कि जिला स्तर पर जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित बैठकें आयोजित होना आवश्यक है, क्योंकि जल जीवन मिशन के प्रभावी संचालन और निगरानी में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि गांवों में तैयार की गई पेयजल व्यवस्थाएं केवल वर्तमान ही नहीं, बल्कि आगामी 20 से 25 वर्षों तक सुचारु रूप से संचालित रहें, तभी परियोजना को वास्तविक सफलता मिलेगी। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण, जनभागीदारी बढ़ाने तथा सतही जल (सर्फेस वाटर) आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना भी मिशन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसके लिए पंचायत, जल संसाधन विभाग, वाटरशेड तथा राज्य वित्त आयोग सहित विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उपभोक्ता द्वारा जलकर का भुगतान नहीं करने पर पंचायत पेयजल आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर सकती हैबैठक में प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश जल निगम भोपाल के.वी.एस. चौधरी ने मध्य प्रदेश पंचायत (ग्रामीण नल जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन) नियम- 2026 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत वाल्व सह पंप ऑपरेटर की नियुक्ति, जल प्रभार निर्धारण एवं संग्रहण, पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान, जलकर वसूली तथा योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था की गई है।

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