उत्तराखंड समाचार

भव्य और दिव्य होगा सरस्वती पूजा का आयोजन : महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद

पूर्वांचल उत्थान संस्था की बैठक में हुआ सरस्वती पूजा धूमधाम से मनाने का निर्णय

हरिद्वार। पूर्वांचल उत्थान संस्था की ओर से सरस्वती पूजा को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। बताया गया दो दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में पहले दिन प्रथम सत्र में प्रातः 10 बजे से विधिः विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापना एवं विशेष पूजन के बाद नौनिहालों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न होगा। वहीं द्वितीय सत्र में शाम 5 बजे से सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के द्वारा नृत्य, गायन और भजन का कार्यक्रम प्रस्तुत किए जायेगा। वहीं अगले दिन 27 जनवरी दिन गुरुवार को महायज्ञ अनुष्ठान के बाद मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। गौरतलब है कि इस वर्ष बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के संयुक्त योग में आयोजित मां सरस्वती पूजनोत्सव एवं महायज्ञ अनुष्ठान को लेकर पूर्वांचल उत्थान संस्था की आवश्यक बैठक रविवार को श्री अवधूत मंडल आश्रम में पीठाधीश्वर महंत स्वामी संतोषानंद देव जी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकस्वर में भव्य और दिव्य सरस्वती पूजन समारोह कराने का निर्णय लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से पूर्वांचल उत्थान संस्था के अध्यक्ष सीए आशुतोष पांडेय, महासचिव बीएन राय, रामकिशोर मिश्रा, राजेश राय, रंजीता झा सहित अन्य सदस्यों को सौंपी गई। बैठक को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद देव जी महाराज ने कहा कि पूर्वांचल और मिथिलांचल में सरस्वती पूजा का विशेष प्रचलन है। बसंत पंचमी को विद्या की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस माना जाता है। इसलिए पूर्वांचल और मिथिलांचल के लोग धूमधाम से मां सरस्वती का पूजन करते हैं और नौनिहालों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मां सरस्वती की कृपा से बच्चों का बौद्धिक क्षमता में वृद्धि और मानसिक विकास होता है। मां सरस्वती में अगाढ़ श्रद्धा और विश्वास चलते पूरे पूर्वांचल और मिथिलांचल में उत्सव का नजारा देखने को मिलता है। लोग हर्ष और उल्लास साथ मां सरस्वती का प्राकट्य धूमधाम दिवस मनाते है। इसी परंपरा को बरकरार रखने हूए धर्मनगरी हरिद्वार में रहने वाले पूर्वांचल समाज के लोग भी पूर्वांचल उत्थान संस्था के तत्वावधान में श्री अवधूत मंडल आश्रम, बाबा हीरादास हनुमान मंदिर सिंहद्वार ज्वालापुर हरिद्वार में हर वर्ष मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस धूमधाम से मनाते चले आ रहे हैं। इस वर्ष भी 26 जनवरी, दिन गुरुवार को सरस्वती जन्मोत्सव एवं महायज्ञ अनुष्ठान का आयोजन धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है। पूर्वांचल उत्थान संस्था के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक सीए आशुतोष पांडेय ने कहा कि दो दिवसीय सरस्वती पूजनोत्सव एवं महायज्ञ अनुष्ठान कार्यक्रम के पहले दिन 26 जनवरी गुरुवार को दो सत्रों में कार्यक्रम होगा। पहले सत्र में आध्यात्मिक वातावरण में विद्वान आचार्यों के द्वारा पूर्ण विधिः विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजन किया जायेगा। यजमान के रूप में संस्थागत सदस्य परिवार के साथ शामिल रहेंगे। पूजनोत्सव नौनिहालों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न होगा। संस्था के सभी सदस्यों को नौनिहालों की सूची बनाकर देने के लिए कहा गया है। वहीं दूसरे सत्र में शाम 4 बजे से सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों के द्वारा मां सरस्वती की वंदना पर आधारित नृत्य गायन और भजन का कार्यक्रम होगा। इसके साथ ही भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था होगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार 27 को महायज्ञ अनुष्ठान के बाद मुर्ति का विसर्जन किया जायेगा।महासचिव बीएन राय ने कहा कि सरस्वती पूजा को लेकर पूर्वांचल उत्थान संस्था के लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। बड़ी संख्या में पूर्वांचल समाज के लोग मां सरस्वती की पूजा अर्चना कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उतावले हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं को भी पूजा में शामिल होने का निमंत्रण भेजा जा रहा है। सरस्वती पूजा पूर्वांचल समाज की लोक परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है और पूजा के माध्यम से पूर्वांचल समाज को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। समाजसेवी रंजीता झा ने कहा कि सभी सदस्यों की राय लेकर कार्यक्रम को भव्य बनाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सभी सदस्यों के विचार आमंत्रित किए गए हैं। आने वाले समय में छठ पूजा की तर्ज पर सरस्वती पूजा भी पूर्वांचल समाज की पहचान बनने जा रहा है। रामकिशोर मिश्रा ने कहा सरस्वती पूजा के आयोजन में इसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को पूजा से जुड़कर पूर्वांचल समाज का सार्थक संदेश समाचार में प्रसारित किया जाना चाहिए। इस मौके पर कामेश्वर यादव, अबधेश झा, संतोष झा, संतोष पांडेय, संतोष कुमार सहित अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहें।

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