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एसएसपी दून के शानदार नेतृत्व में दून पुलिस ने सुलझायी ब्लाइण्ड मर्डर की मिस्ट्री

बुजुर्ग महिला की हत्या का दून पुलिस ने किया खुलासा

देहरादून, 26 सितम्बर। रायवाला में हुयी बुजुर्ग महिला की हत्या का दून पुलिस ने खुलासा कर दिया हैं। घटना में शामिल मृतका की पुत्री व उसके प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। पुलिस के अनुसार मृतका की पुत्री ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुश्तैनी सम्पत्ति का विवाद हत्या की मुख्य वजह बना, अभियुक्ता माँ और भाई द्वारा लगातार पुश्तैनी जमीन को बेचने व उसे हिस्सा न देने से नाराज थी। अभियुक्ता ने अपनी माँ को रास्ते से हटाकर पुश्तैनी सम्पत्ति में हिस्सा पाने की योजना बनायी थी। अपनी सगी मां को सौतेली माँ बताकर प्रेमी को भी गुमराह किया था, घटना के बाद हिस्से में आने वाली जमीन को बेचकर प्रेमी के साथ गृहस्ती बसाने का लालच दिया था। गिरफ्तार अभियुक्ता का पहले पति से तलाक हो चुका था, दूसरी शादी के बाद भी किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम सम्बन्ध को लेकर मृतका का अपनी पुत्री से कई बार विवाद हो चुका था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 22 सितम्बर को संजय पुण्डीर पुत्र स्व. गोविन्द सिंह पुण्डीर, निवासी ग्राम काटल पो. भोगपुर, थाना रानीपोखरी जनपद देहरादून द्वारा थाना रायवाला पर तहरीर दी कि उनकी माता श्रीमती खजानी देवी पत्नी स्व. गोविन्द सिंह पुण्डीर उम्र 65 वर्ष जो शहीद भगत सिंह कालोनी लाइनपार मोतीचूर रायवाला में उनकी 06 वर्षीय पुत्री के साथ किराये के मकान में रहती थी, वह 21 सितम्बर को दिन से लापता थी तथा उनके मकान के गेट में ताला लगा था। रात्रि समय करीब 10.30 बजे जब उनके द्वारा गेट का ताला तोड़कर अन्दर देखा तो मकान के अन्दर बाथरूम में उनकी माता खजानी देवी मृत अवस्था में मिली। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी हत्या कर गेट पर बाहर से ताला लगाया गया था। प्राप्त तहरीर पर तत्काल थाना रायवाला में मुकदमा अपराध सख्या 158/2026, धारा- 103(1) बीएनएस पंजीकृत किया गया। घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोबाल द्वारा घटना के अनावरण तथा उसमे शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु आवश्यक दिशा निर्देश देते हुये तत्काल कोतवाली रायवाला पर 06 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटनास्थल से एफएसएल टीम एवं फील्ड यूनिट टीम की मदद से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किये गये। साथ ही घटनास्थल व उसके आस-पास आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटैजों व सर्विलान्स के माध्यम से घटना में शामिल संदिग्धों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर ठोस सुरागरसी पतारसी करते हुये रायवाला ऋषिकेश तथा आसपास के क्षेत्रों में मुखबिर तंन्त्र को सक्रिय किया गया। पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों के दौरान पुलिस टीम को मृतका खजानी देवी का उनकी पुत्री शिल्पा थापा पत्नी पंकज थापा, जो कि नई बस्ती लाइन पार शहीद भगत सिंह कालोनी में ही मृतिका के निवास से थोड़ी दूरी पर रहती है, के साथ पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद होना प्रकाश में आया तथा घटना से पूर्व शिल्पा थापा के परिचित/प्रेमी शिव नारायण पाण्डे उर्फ सोनू, जो कि मुम्बई में जाँब करता था, के मृतका के घर के आस पास देखे जाने की जानकारी प्राप्त हुयी। शिव नारायण पाण्डे के सम्बन्ध में जानकारी करने पर उसका पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहना तथा मृतका की पुत्री शिल्पा थापा व शिवनारायण पाण्डे के लगातार एक दूसरे के सम्पर्क में होने की जानकारी प्राप्त हुयी। संदिग्धता के आधार पर पुलिस टीम द्वारा शिव नारायण पाण्डे की तलाश की गई तो घटना के बाद से ही उसका फोन बन्द होना ज्ञात हुआ, जिस पर अलग-अलग टीमों द्वारा शिव नारायण पाण्डे की तलाश हेतु रायवाला, हरिद्वार व आसपास के क्षेत्रों में लगभग 500 होटल तथा धर्मशाला एवं बस अड्डे, रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे सहित लगभग 700 सीसीटीवी कैमरे चैक किये गये। इस दौरान पुलिस टीम को मुखबिर के माध्यम से शिव नारायण पाण्डे के घटना से पहले व उसके बाद भी शान्ति कुन्ज मे छिपे होने की जानकारी प्राप्त हुयी, जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू पुत्र नरसिंह नारायण पाण्डे निवासी सम्राट कालोनी ग्राम करोंदी, थाना भगवानपुर, जनपद हरिद्वार, उम्र 39 वर्ष को शान्ति कुन्ज आश्रम हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया, जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा मृतका खजानी देवी की पुत्री शिल्पा के कहने पर खजानी देवी की हत्या करना स्वीकार किया गया। अभियुक्त से पूछताछ के आधार पर घटना में सह अभियक्ता शिल्पा थापा पत्नी पंकज थापा निवासी शहीद भगत सिंह कालोनी नई बस्ती लाईनपार मोतीचूर थाना रायवाला, जनपद देहरादून, उम्र 36 वर्ष को आज पुलिस टीम द्वारा शहीद भगत सिंह कालोनी लाइनपार मोतीचूर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू द्वारा बताया गया कि वह मूल रूप से ग्राम करोंदी थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार का रहने वाला है तथा शिल्पा थापा से उसकी मुलाकात मार्च 2026 में भूपतवाला हरिद्वार स्थित एक होटल में हुयी थी, जहां वो दोनो साथ में काम करते थे, इस दौरान उनके बीच प्रेम सम्बन्ध बन गये। अभियुक्त का अपनी पत्नी से तलाक का केस चल रहा है। शिल्पा थापा द्वारा उसे बताया था कि उसकी मां के नाम ग्राम काटल गडूल रानीपोखरी में कई बीघा जमीन है, जिसे उसकी मां और भाई संजय पुण्डीर द्वारा लगातार बेचा जा रहा है। पुश्तैनी जमीन में अपना हिस्सा मांगने पर उसकी मां तथा भाई न तो उसे पुश्तैनी जमीन में कोई हिस्सा दे रहे है और न ही जमीन बेचकर प्राप्त धनराशि में से पैसे। इस दौरान शिल्पा द्वारा अभियुक्त को खजानी देवी के उसकी सौतेली मां होने की झूठी जानकारी भी दी गयी थी। माह जुलाई में अभियुक्त शिव नारायण के हरिद्वार छोड़कर नौकरी के लिये मुम्बई चले जाने पर शिल्पा द्वारा भी होटल की जाँब छोड़ दी थी पर उसके बाद भी वे दोनो लगातार एक दूसरे के सम्पर्क में थे। कुछ समय पूर्व शिल्पा द्वारा अभियुक्त को उसकी मां द्वारा दोबारा जमीन बेचने की कोशिश करने की जानकारी देते हुये वापस बुलाया तथा अपनी माँ खजानी देवी को रास्ते से हटाने तथा उसके बाद उसके हिस्से में आने वाली जमीन को बेचकर अन्यत्र गृहस्ती बसाने का लालच दिया। अभियुक्त शिवनारायण पाण्डे की लाँकडाउन से पूर्व ढंढेरा फाटक रुड़की में बैटरी रिक्शा की एजेन्सी थी तथा लाँकडाउन में काम का नुकसान होने के कारण वह करीब 50 लाख के कर्जे में आ गया था और अपने कर्जे को चुकाने के लिये उसके द्वारा पूर्व में करोंदी भगवानपुर स्थित अपना मकान बेच दिया था परन्तु उसके उपरान्त भी वर्तमान में उस पर लगभग 10 लाख रुपये की देनदारी बकाया थी, जिसे वापस करने के लिये लोगो द्वारा उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। अभियुक्त द्वारा शिल्पा के भाई से भी कुछ पैसा उधार लिया गया था तथा खजानी देवी को उसके तथा शिल्पा के रिश्ते की भी जानकारी थी, जिससे वह उन दोनो से काफी नाखुश थी। उन दोनो के रिश्ते व उधार के पैसे वापस करने को लेकर खजानी देवी से उनका पूर्व में विवाद भी हुआ था तथा घटना से पूर्व भी विगत 19 सितम्बर को अभियुक्त शिवनारायण व शिल्पा के खजानी देवी से मिलने उनके घर जाने पर उनके रिश्ते को लेकर पुनः उन दोनो का खजानी देवी से विवाद हो गया था तथा खजानी देवी द्वारा उन्हे काफी भला बुरा कहते हुये उनके साथ गाली गलौच की गयी थी। इस बात से आहत होकर तथा शिल्पा द्वारा अपने सम्बन्धों का वास्ता देने व खजानी देवी की मृत्यु के बाद उसके हिस्से में जमीन आने का लालच देने पर अभियुक्त उसकी माँ की हत्या करने के लिये तैयार हो गया। शिल्पा द्वारा अभियुक्त को बताया गया था कि उसकी मां अपनी पोती को छोड़कर सुबह 8.00 बजे तक घर वापस आ जाती है तथा उसके बाद दिन में 12.30 बजे तक घर पर अकेले रहती है इस दौरान बिना किसी की नजर में आये उन्हें रास्ते से हटाया जा सकता है। योजना के मुताबिक 21 सितम्बर को अभियुक्त शिवनारायण, खजानी देवी की हत्या की नीयत से उनके घर पहुचा जहां उसने मौका देखकर खजानी देवी का गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और घर पर ताला लगाकर मौके से फरार हो गया, घटना के बाद अभियुक्त ने शिल्पा को घटना की जानकारी दी गयी तथा शिल्पा के कहने पर वह घटना के बाद शान्ति कुंज में छिप गया। घटना के बाद शिल्पा द्वारा किसी न किसी माध्यम से पुलिस कार्यवाही की सूचना लगातार अभियुक्त को दी जा रही थी।

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