उत्तराखंडधर्म-संस्कृति

“बाबा केदार की यात्रा ने रचा इतिहास, 175 दिनों में लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन”

भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट गुरुवार सुबह शीतकाल के लिए विधि-विधानपूर्वक बंद कर दिए गए। इस वर्ष की यात्रा 175 दिनों तक चली और इस दौरान रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे।

मंदिर समिति के अनुसार, इस बार लगभग 23 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए — जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा औपचारिक रूप से संपन्न हो गई।

विधि-विधान से संपन्न हुई प्रक्रिया
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में मुख्य पुजारी रावल और वेदपाठियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद किए गए। इसके बाद बाबा केदार की डोली भक्तों के जयकारों के बीच ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के लिए रवाना हुई, जहाँ शीतकाल में पूजा-अर्चना जारी रहेगी।

इस बार रहा श्रद्धालुओं का भारी उत्साह
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रियों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त बाबा केदार के दर्शन को पहुंचे।

मुख्यमंत्री धामी ने जताई श्रद्धा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं और तीर्थपुरोहितों को धन्यवाद देते हुए कहा, “बाबा केदार के आशीर्वाद से यह यात्रा सुरक्षित और सफल रही। प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किए और भविष्य में भी सुविधाओं को और सशक्त बनाया जाएगा।”

अगले वर्ष खुलेंगे कपाट वैशाख माह में
अब बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में छह महीने तक जारी रहेगी। अगले वर्ष वैशाख माह में विधि-विधानपूर्वक कपाट पुनः खोले जाएंगे।

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